क्राइम ब्रांच की टीम ने खंगाला यूपीसीए कार्यालय, केयर टेकर से हुई बहस !

545
फाइल फोटो साभार

कानपुर : कूच बिहार चैम्पियन यूपी टीम के एक खिलाड़ी के हक की धनराशि और प्रमाण पत्र न देना उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) को भारी पड़ता दिख रहा है। इस मामले में शनिवार को चंदौली क्राइम ब्रांच की एसआईटी टीम ने यूपीसीए के दफ्तर को खंगाला और फिर कुछ अहम जानकारियां जुटाकर लौट गई। इस दौरान पूरे प्रदेश में क्राइम ब्रांच के छापे से जुड़े अपडेट लेने के लिए क्रिकेटरों में कोतुहल रहा। चर्चा तो यहां तक रही कि दो इंस्पेक्टरों वाली टीम ने यूपीसीए के एक गार्ड को अकड़ दिखाने पर जमकर टाइट भी किया।

बताते चलें कि इस मामले में अंडर-19 खिलाड़ी त्रिवेश यादव के जज पिता रमेश कुमार यादव ने 13 मार्च को यूपीसीए के अफसरों, कोच, मैनेजर व कुछ अन्य पर धोखाधड़ी सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। शनिवार को इसी मामले को लेकर चंदौली क्राइम ब्रांच की टीम ने कमलानगर स्थित यूपीसीए मुख्यालय में छापा मारा। हालांकि अभी तक यह पुष्टि नहीं हो सकी कि टीम कितनी देर वहां रही। दो तरह की सूचनाएं आ रही हैं।

एक यह कि एसआईटी टीम जब यूपीसीए कार्यालय पहुंची और वहां मौजूद केयर टेकर (गार्ड) ने जब मांगी गई जानकारी देने से इनकार कर दिया तो एसआईटी टीम से उसकी बहस हो गई। दूसरी यह कि टीम कुछ कागजी औपचारिकता पूरी न होने की वजह से यूपीसीए कार्यालय के अंदर नहीं गई इसके बावजूद टीम जरूरी जानकारी जुटा लौट गई। इस घटनाक्रम के बाद यूपीसीए के उन लोगों की सांसें कार्रवाई के डर से ऊपर नीचे हो रही हैं जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज है। एक पदाधिकारी की एफआईआर के बाद से कार्यालय में उपस्थित काफी कम रही। सूत्रों पर यकीन करें तो इसी पदाधिकारी ने त्रिवेश यादव का प्रमाण पत्र और राशि लेने के लिए चंदौली से भेजे गए एक व्यक्ति को घंटों इंतजार करवा कर लौटा दिया था। दरअसल महत्वपूर्ण पद पर बैठे इसी पदाधिकारी का यह बर्ताव पूरे यूपीसीए पर भारी पड़ने जा रहा है।

सूत्र बताते हैं कि इस मामले में जल्दी ही एक पीआईएल भी दाखिल होने जा रही है। यह मामला यही शांत होने वाला नहीं है। इसमें पिछले उन सालों का रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है, जब जूनियर चयनसमिति में दशक से ज्यादा समय तक काबिज रहे एक झांसी के रहने वाले चेयरमैन के कार्यकाल में कुछ विवादास्पद चयन हुए थे। (संशोधन के साथ)

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here