पूर्व कप्तान को सेमीफाइनल फिक्स होने का संदेह

229
फाइल फोटो

खिलाड़ी खेलेंगी या कोच और मैनेजर भी तय करेंगी ?

दिल्ली : भारतीय महिला टी-20 टीम की कप्तान और उपकप्तान ने विवादों में घिरे कोच रोमेश पवार का करार बढ़ाये जाने की पैरवी कर इस बहस को जन्म दे दिया है कि खिलाड़ी खेलेंगी या फिर मैनेजमेंट भी चलाएंगी ?
ड्रेसिंग रूम सूत्रों पर यकीन करें तो भारतीय महिला टीम दो फाड़ हो चुकी है। एक गुट में टी-20 की कप्तान हरमनप्रीत कौर, स्मृति मंधाना व कोच के अलावा मैनेजमेंट के कुछ लोग, एक सलेक्टर और बीसीसीआई के एक या दो लोग शामिल हैं, जबकि वन डे कप्तान मिथाली राज को टीम की ज्यादातर खिलाड़ियों का सपोर्ट मिल रहा है।
वेस्टइंडीज में हुए टी-20 विश्व कप में बड़ी खिलाड़ियों को साइड लाइन कर कमजोर को एकादश में उतारने के अलावा भी कुछ अन्य हैरंतअंगेज फैसलों ने कप्तान हरमनप्रीत, कोच रोमेश पवार और एक सलेक्टर की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विनिंग टीम में छेड़छाड़ न करने के तर्क पर भी यह सवाल उठ रहा है कि यदि मेन्स टीम में विराट कोहली या सचिन तेंदुलकर जैसे खिलाड़ी को इंजरी के बाद किसी अहम मुकाबले में वापसी करनी होती तो क्या तब भी विनिंग टीम से छेड़छाड़ न करने का फैसला लिया सकता था?
क्या भारतीय क्रिकेट की महान बल्लेबाज मिथाली राज को एक रणनीति के तहत मैच से पहले के अंतिम नेट में आठवें नम्बर के पेयर के साथ उतार मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया गया?
क्या हर फाॅर्मेट पर कब्जा करने के लिए मिथाली के क्रिकेट कॅरियर की हत्या की कुछ वरिष्ठ साजिश रच रहे हैं ?
सेमीफाइनल की पिच को न पढ़ सकने वाली कप्तान और उप कप्तान कोच रोमेश पवार के करार को विस्तार देने की पैरवी तो कर रही हैं लेकिन टीम को फाइनल खिलवाने वाले पिछले कोच तुषार को रोकने के लिए उन्होंने क्यों नहीं प्रयास किए ?
कुछ और भी ऐसे विवादास्पद फैसले लिए गए हैं जिसमें अपना एजेंडा चलाने के लिए टीम और टीम प्रबंधन के एक गुट ने देश की प्रतिष्ठा के साथ भी समझौता करने में शर्म नहीं महसूस की।


पूर्व कप्तान प्रमिला भट्ट ने हैरानी जताते हुए सवाल किया कि जिस मिथाली ने भारतीय महिला क्रिकेट को फिर से परिभाषित किया, उस पर रोमेश पवार जैसा कोच ऊंगली कैसे उठा सकता है?
प्रमिला ने सेमीफाइनल फिक्स किए जाने का अंदेशा जताते हुए बीसीसीआई से मांग की है कि वह रोमेश पवार और कप्तान हरमनप्रीत कौर से पूछे कि क्या अन्य कारणों से मैच हारने के लिए मिथाली को जानकर अंतिम एकादश में नहीं शामिल किया गया ? उन्होंने यह भी कहा है कि हरमन की नैतिकता पहले भी सवालों में रही थी, जब पंजाब पुलिस ने कुछ महीनों पहले यह खुलासा किया था कि हरमन ने पुलिस में नौकरी सुरक्षित करने के लिए नकली डिग्री लगा दी थी।
आखिर वे कौन से फैसले थे जिन्होंने टीम इंडिया का पहली बार टी ही है साजिश, Sportsleak इसका खुलासा अपनी अगली खबर में करेगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here