ईरानी कप : विदर्भ ने खिताब बरकरार रखा, पुरस्कार राशि शहीदों को समर्पित

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नागपुर : गणेश सतीश (87) और अथर्व टाइडे (72) के अर्धशतकों की मदद से रणजी चैम्पियन विदर्भ ने शेष भारत एकादश को पहली पारी में मिली बढ़त के आधार पर हराकर शनिवार को ईरानी कप का खिताब लगातार दूसरी बार अपने नाम कर लिया। विदर्भ के कप्तान फैज फजल ने विदर्भ क्रिकेट संघ की से इस खिताबी जीत से मिलने वाली 10 लाख रुपये की पुरस्कार राशि जम्मू एवं कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमलों के शहीद सीआरपीएफ जवानों के परिवारों को समर्पित करने का फैसला किया है।

मैच के पांचवें दिन शनिवार को दोनों टीमों के बीच मुकाबला ड्रॉ रहा लेकिन विदर्भ ने पहली पारी में मिली बढ़त के आधार पर खिताब अपने नाम किया। विदर्भ ने लगातार दूसरी बार यह गोल्डन डबल पूरा किया है। बीते सीजन में भी उसने यह खिताब जीता था। विदर्भ की टीम कर्नाटक के बाद दूसरी ऐसी टीम बन गई है जिसने सफलतापूर्वक रणजी ट्रॉफी और ईरानी ट्रॉफी में अपने खिताब का बचाव किया है।

शेष भारत एकादश ने अपनी पहली पारी में 330 रन का स्कोर बनाया था। विदर्भ ने अक्षय कारनेवार के शानदार शतक की बदौलत पहली पारी में 425 रन बनाकर 95 रनों की बढ़त बना ली थी। इसके बाद शेष भारत एकादश ने तीन विकेट पर 374 रन बनाकर अपनी दूसरी पारी घोषित कर दी थी और मैच जीतने के लिए विदर्भ को 280 रनों का लक्ष्य दिया था।

विदर्भ ने अपनी दूसरी पारी में पांच विकेट पर 269 रन बना लिए थे और उसे मैच जीतने के लिए 11 रन और बनाने थे कि तभी मैच ड्रॉ होने की घोषणा कर दी गई और पहली पारी में मिली बढ़त के आधार पर विदर्भ लगातार दूसरी बार चैम्पियन बनने में सफल रहा।

विदर्भ ने अपने कल के स्कोर एक विकेट के नुकसान पर 37 रन से आगे खेलना शुरू किया। संजय रघुनाथ 17 और अर्थवा टाइडे ने अपनी पारी को 16 रन से आगे बढ़ाया। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 116 रन की शतकीय साझेदारी की। संजय 131 गेंदों का सामना करने के बाद 42 के निजी स्कोर पर आउट हुए। उनके आउट होने के बाद टाइडे भी अपना अर्धशतक पूरा कर टीम के 146 के स्कोर पर तीसरे बल्लेबाज के रूप में प्वेलियन लौटे। उन्होंने 185 गेंदों पर आठ चौके और एक छक्का लगाया।

सतीश ने फिर से यहां से मोहित काले (37) के साथ चौथे विकेट के लिए 83 रन जोड़कर टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाया। काले के आउट होने के बाद सतीश भी टीम के 269 के स्कोर पर पांचवें बल्लेबाज के रूप में आउट हो गए।
सतीश ने 168 गेंदों पर नौ चौके और एक छक्का लगाया। सतीश जब आउट हुए तो टीम को मैच जीतने के लिए 11 रन बनाने थे। लेकिन मैच ड्रॉ की घोषणा कर दी गई। अक्षय वाडकर 10 रन बनाकर नाबाद लौटे।

शेष भारत एकादश की ओर से राहुल चहर ने दो और अंकित राजपूत, धर्मेद्रसिंह जडेजा तथा दोनों पारियों में शतक लगाने वाले हनुमा विहारी ने एक-एक विकेट लिए। मैच में पहली पारी में 102 रन बनाने वाले हरफनमौला खिलाड़ी अक्षय को मैन ऑफ द मैच चुना गया। फजल ने मैच के बाद कहा, “हमने जीत से मिलने वाली 10 लाख रुपये की पुरस्कार राशि को पुलवामा के शहीदों के परिवारों को समर्पित करने का फैसला किया है। यह हमारी तरफ से उन्हें एक छोटी से भेंट हैं।”

उन्होंने कहा, “पूरी टीम ने इस सीजन में बेहतरीन प्रदर्शन किया और खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा को अच्छे से प्रदर्शित किया है। वसीम जाफर और उमेश यादव जैसे सीनियर खिलाड़ियों की गैर मौजूदगी में लड़कों ने जिस तरह का खेल दिखायाा, वह काबिल ए तारीफ है।” मैच में पहली पारी में 102 रन बनाने वाले हरफनमौला खिलाड़ी अक्षय कारनेवार को मैन ऑफ द मैच चुना गया।

अक्षय ने कहा, “काफी अच्छा लग रहा है कि हम लगातार दूसरी बार रणजी ट्रॉफी और ईरानी कप जीतने में कामयाब रहे हैं। ईरानी कप में एक मजबूत टीम के खिलाफ पहला शतक लगाना मेरे लिए बेहद खास रहा।” शेष भारत एकादश के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने विदर्भ की तारीफ करते हुए कहा, “मैं विदर्भ को बधाई देना चाहता हूं। रणजी ट्रॉफी के बाद ईरानी कप जीतना आसान नहीं है। रणजी की सभी टीमों को उनसे सीखना चाहिए। हमारे पास मौके थे लेकिन हमने पहली पारी में 100 रन के अंदर आठ विकेट गंवा दिए। लेकिन विदर्भ ने अच्छा प्रदर्शन किया।”

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