यूपीसीए का मेन गेट बंद करवा एक बार फिर चंदौली क्राइम ब्रांच की टीम ने की तहकीकात

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फाइल फोटो

कानपुर : एक खिलाड़ी का प्रमाण पत्र और पुरस्कार राशि न देने के आरोप का सामना कर रहे उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) के मुख्यालय आज फिर चंदौली क्राइम ब्रांच की टीम पहुंची। दो लोगों अनिल कामथान और केयर टेकर से गहन पूछताछ हुई। पूछताछ के दौरान कामथान से संघ में उनका क्या पद है यह भी पूछा गया।
टीम लगभग साढ़े तीन घंटे तक रिकार्डों की जांच करती रही। इस दौरान वहां मौजूद कर्मचारियों से कोई पूछताछ नहीं हुई।
टीम इस बार भी अपने साथ कुछ अहम दस्तावेज लेकर लौटी। साथ जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज है उनको पेश करने पर सख्ती के साथ जोर दिया। खास बात यह रही कि इस दौरान यूपीसीए ने मुख्यालय का मेन गेट बंद करवा दिया था और किसी अखबार के पत्रकार और फोटोग्राफर को अंदर नहीं आने दिया। घंटों बाहर मीडिया का जमघट रहा।

बता दें कि यूपीसीए पर अपनी अंडर-19 चैम्पियन टीम की फाइनल सूची से एक खिलाड़ी त्रिवेश यादव का नाम हटा उसके हिस्से की पुरस्कार राशि और प्रमाण पत्र न देने का आरोप है। इसी को लेकर चंदौली में इस खिलाड़ी के पिता और जज रमेश कुमार यादव ने यूपीसीए के दो पदाधिकारियों सचिव युद्धवीर सिंह और चीफ ऑपरेटिंग ऑफीसर दीपक शर्मा के अलावा टीम के कोच व मैनेजर के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई है। इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। यही टीम तीन दिनों में दो बार यूपीसीए कार्यालय आकर छानबीन कर चुकी है। इस मामले में कोच और मैनेजर के अलावा कुछ और लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। आज आई एसआईटी टीम में कई सदस्य सादी ड्रेस में थे, जबकि कुछ खाकी वर्दी में।
यूपीसीए भी अपना पक्ष मजबूती से रखने के लिए कानून के जानकारों से सलाह मशविरा कर रहा है। जल्दी ही उसकी तरफ से भी इस मामले में कानून प्रक्रिया के तहत जवाब देने की तैयारी की जा रही है।

क्राइम ब्रांच की टीम ने खंगाला यूपीसीए कार्यालय, केयर टेकर से हुई बहस 

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